संघ, पटाखे और मूर्खता

firecrackers

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ ही दिन पहले पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया था. इस बैन पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं आई उनमें से सबसे प्रमुख प्रतिक्रियाएं एक ऐसे वर्ग की आयीं जिसने यह दिखाने की कोशिश की कि सुप्रीमकोर्ट का पटाखों पर बैन हिन्दू धर्म के विरुद्ध है और सुप्रीमकोर्ट को यह बैन मुस्लिम धर्म के विरुद्ध भी लगाना …

तुम्हारे धर्म की क्षय हो

पिछले दो दिनों में दो ऐसी खबरें आईं जिन्होंने अंतर्मन को झझकोर कर रख दिया है. एक तरफ कश्मीर में दरिंदों की भीड़ ने मोहम्मद अयूब पंडित नामक एक जांबाज DSP को पीट पीट कर मार दिया; तो दूसरी तरफ हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले एक 17 वर्षीय युवा मुस्लिम को भीड़ ने पीट पीट कर मार दिया. थोडा …

किस्मत महरबान तो गधा पहलवान

Khattar

अनपढ़ सरकार के अनपढ़ पुरौधा एक हिंदी की कहावत है कि गर बन्दर के हाथ में उस्तरा पकड़ा दो तो वो न जाने क्या क्या काट देता है. ये कहावत हरयाणा की भाजपा सरकार पर पूर्णतया लागू होती है. ऐसा नहीं है कि मुझे यह कहने का मौका पहली बार मिला है; मैंने ये पहले भी कहा है; बार बार …

मुरथल घटनाक्रम का इतिहास

हर एक व्यक्ति के जीवन में ऐसा समय आता है जब वह करवट लेता है और एक ऐसे कार्य में लग जाता है; ऐसा ही एक मामला था कथित मुरथल बलात्कार जिसने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया. इसलिए नहीं कि मैं मानता था कि महिलाओं के साथ बदसलूकी हुई है; अपितु इसलिए कि मेरा अपनी सम्पूर्ण निष्ठा से …

किसान का धर्म

Indian Farmer

“हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, हर तन को कपड़ा, हर सर को मकान, हर पेट को रोटी, बाकि बात खोटी” जननायक चौधरी देवी लाल जी के ये अमर वाक्य भारत में राजधर्म की असली मिसाल और पहचान है. आजादी के बाद भारत ने स्वयम को धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में स्थापित किया. इसके बहुत से कारणों …

मैं और मेरे गांधी

हमेशा की तरह आज महात्मा गांधी जी के शहीदी दिवस पर गांधी जी बनाम गोडसे अथवा गांधी जी बनाम अन्य की बहस चली है. इस बहस के दौरान मैं अपने अंदर गांधी को ढूँढने चला. गांधी जी से मेरा क्या रिश्ता है बस यही आज मेरा लेख है. राजनैतिक रूप से बेहद सक्रिय परिवार से सम्बन्ध रखने के कारण मैं …

किसान एवं कमेरों की एकता समय की जरूरत

Indian Farmers

भारत कृषि प्रधान देश है. इस देश की लगभग 70% आबादी ग्रामीण क्षेत्र में ही बसती है. आजादी की लड़ाई से आज तक हर बड़े सामाजिक नेता ने किसान और ग्रामीण क्षेत्र की बात की है. रहबरे आजम सर छोटू राम से लेकर चौधरी देवी लाल जी, महात्मा गांधी से लेकर चौधरी चरण सिंह तक हर एक बड़े नेता का …

तैमूर लंग और दादावीर हरवीर गुलिया

Taimur

तैमूर को मुद्दा बना नोटबंदी से भाग रहे भाजपा के लोग क्या दादावीर हरवीर गुलिया के बारे में जानते हैं? पढ़िए तैमूर के आतंक और सर्वखाप सेना की लड़ाई की कथा.

बिना कैश बनती कैशलेस इकोनोमी

Notes

क्या भारत कैशलेस इकॉनमी के लिए सचमुच तैयार है या यह भी प्रधानमन्त्री का नया जुमला है! पढिये इस छोटे से लेख में.