किसान का धर्म

Indian Farmer

“हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, हर तन को कपड़ा, हर सर को मकान, हर पेट को रोटी, बाकि बात खोटी” जननायक चौधरी देवी लाल जी के ये अमर वाक्य भारत में राजधर्म की असली मिसाल और पहचान है. आजादी के बाद भारत ने स्वयम को धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में स्थापित किया. इसके बहुत से कारणों …

धर्म एवं राजनीति

भारत का संविधान हमें स्वतंत्रता का मूल अधिकार देता है। संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार, “किसी व्यक्ति को उसके प्राण अथवा दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं।“ इस मूल अधिकार को माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपने बहुत से निर्णयों में अति महत्त्वपूर्ण माना है एवं समय समय पर सरकार को …